योगी आदित्यनाथ ने पीटीआई से बातचीत में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर खंडन किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में उनकी मौजूदगी की एक समय सीमा है और वह हमेशा के लिए इस क्षेत्र में नहीं रहेंगे। इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी के रूप में योगी का नाम चर्चा में है, खासकर उनके समर्थक उन्हें प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में देख रहे हैं।
सीएम योगी ने राजनीति और धर्म के मिलन पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में धर्म का समावेश गलत नहीं है, बल्कि इसे सीमित कर देना गलत है। उनका मानना है कि धर्म का उद्देश्य समाज की भलाई और परमार्थ है, और जब धर्म स्वार्थ की पूर्ति के लिए इस्तेमाल होता है, तो समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
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