विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में एसी की मांग बढ़ने के कारण बिजली की खपत में भी वृद्धि हो रही है। पिछले साल देश में सबसे ज्यादा बिजली की मांग 250 गीगावाट से अधिक रही, जो अनुमान से 6.3 प्रतिशत अधिक थी। अब इस वर्ष भी बिजली की मांग में 9-10 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है, खासकर एसी और वातानुकूलन के अन्य उपायों की बढ़ती खपत के कारण।
भारत में एयर कंडीशनर की पहुंच वर्तमान में केवल 8 प्रतिशत है, जबकि विकसित देशों में यह 90 प्रतिशत है। इसके अलावा, ऊर्जा की अधिक खपत करने वाले एसी के कारण 2050 तक इनसे ऊर्जा की मांग तीन गुना बढ़ने का अनुमान है। हालांकि, इसका समाधान निष्क्रिय शीतलन विधियों, ऊर्जा दक्षता और हानिकारक गैसों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने में छिपा हो सकता है।
गर्मी के कारण पिछले साल भारत में 143 मौतें दर्ज की गई थीं, और इस साल भी गर्मी का प्रकोप पहले आ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने इस वर्ष मार्च से मई के दौरान सामान्य से अधिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान रहने का अनुमान जताया है।
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