नई नीति के तहत एक और प्रस्तावित बदलाव यह है कि हर घर में तीसरी गाड़ी के रूप में एक इलेक्ट्रिक वाहन होना अनिवार्य होगा, जिससे पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता कम की जा सके। इसके अलावा, अगस्त 2026 से नए पेट्रोल-डीजल ऑटो रिक्शा का रजिस्ट्रेशन भी बंद किया जा सकता है, जिससे पूरी दिल्ली में इलेक्ट्रिक ऑटो का चलन बढ़ेगा।
दिल्ली सरकार ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करने की योजना बना रही है, जिसमें नई इमारतों और सार्वजनिक स्थानों पर चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य रूप से लगाने की योजना है। इस बड़े बदलाव का लक्ष्य 2027 तक दिल्ली में 95% इलेक्ट्रिक व्हीकल पेनिट्रेशन हासिल करना है।
नई ईवी पॉलिसी 2.0 को जल्द लागू किया जाएगा, और दिल्ली की मौजूदा ईवी पॉलिसी 2020 का अंतिम एक्सटेंशन 31 मार्च 2025 तक है।
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