घटना की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव के निर्देशन में नाकाबंदी शुरू की गई। करड़ा से भीनमाल मार्ग पर भीलों का गोलिया के पास कार को रोका गया, जिसमें पांच पुरुष, एक महिला और दोनों अपहृत बच्चे मौजूद थे। पूछताछ में महिला ममतादेवी ने बच्चों को अपना बताया और कहा कि वे उन्हें सिरोही से सांचौर ले जा रहे थे।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को सकुशल मुक्त कर लिया और सभी आरोपियों, जिनमें हीराराम (22), राकेश, हनुमान, मुकेश और वाहन चालक बबलू शामिल हैं, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन भी जब्त कर लिया है। मामले में जांच जारी है।
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